विवरण
ब्रह्मांड की ध्वनि, भगवान शिव के डमरू से निकली पहली ध्वनि जो गूंजती हुई वापस लौटी, वह थी ॐ। ॐ ही सबका आदि और अंत है। ॐ अस्तित्व का सबसे शुभ कारण है और व्यक्ति की विचार प्रक्रिया को दिशा देने वाला सबसे शांत स्रोत है। ॐ का प्रयोग ध्यान और पूजा, दोनों में किया जाता है। विडंबना यह है कि ॐ शब्द से व्यक्ति उत्तेजित और शांत दोनों हो सकता है। इस प्रकार, ॐ धारण करने वाले के जीवन में शांति और समर्पित सकारात्मकता दोनों का वास होगा।
यह असली इंडोनेशियाई रुद्राक्ष मोतियों (6 मिमी आकार) से जड़ा एक असली सोने का पानी चढ़ा हुआ कंगन है। (कृपया इंडोनेशियाई और नेपाली रुद्राक्ष के बीच अंतर पढ़ें ।) (ऑर्डर करने से पहले यहां क्लिक करें )
पूर्व भुगतान पर निःशुल्क डिलीवरी। नकद भुगतान पर 75/-। भारत के सभी स्थानों पर डिलीवरी।
हम असली उत्पाद बेचते हैं जो आपके जीवन में बदलाव ला सकते हैं। कृपया उन नकली वेबसाइटों से सावधान रहें जो अलग-अलग वेबसाइटों से नकल करके नकली उत्पाद बेच रही हैं। हम धोखाधड़ी में विश्वास नहीं करते।